पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हावड़ा में वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन करने आ रहे हैं। हमने कभी नहीं सुना कि कोई प्रधानमंत्री ट्रेन का उद्घाटन कर रहा हो।

मैं भी रेल मंत्री था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसी ट्रेन का उद्घाटन नहीं किया।
कांग्रेस सांसद चौधरी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, अमित शाह कुछ दिन पहले बंगाल आए थे। मोदी जी ममता से समझौता करने आ रहे हैं। इसके कारण सीबीआई, ईडी, जांच (ममता बनर्जी के खिलाफ) धीमी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत पर सवाल उठाते हुए अधीर रंजन ने कहा कि ट्रेन का उद्घाटन रेल मंत्री को करना चाहिए। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने कहा, देश में पहले से ही एक रेल मंत्री हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री को वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन नहीं करना चाहिए।
बता दें कि हावड़ा रेलवे स्टेशन पर हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए पीएम मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करने वाले हैं। प्रधानमंत्री कोलकाता मेट्रो ट्रेन की पर्पल लाइन के जोका-तारातला खंड का उद्घाटन भी करेंगे।
चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पंचायत चुनाव से पहले अपराध शाखा जांच (सीबीआई) जांच से भागने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, वह (ममता बनर्जी) सीबीआई के हाथों से बचने की कोशिश कर रही हैं, इसलिए वह रेलवे उद्घाटन के बहाने पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में आ रही हैं।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक कोलकाता मेट्रो का 6.5 किलोमीटर लंबा जोका-तारातला खंड में छह स्टेशन हैं। जोका, ठाकुरपुकुर, सखेर बाजार, बेहाला चौरास्ता, बेहाला बाजार और तारातला का निर्माण 2475 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। सरसुना, डाकघर, मुचीपारा और दक्षिण 24 परगना जैसे दक्षिणी कोलकाता के यात्रियों को इस परियोजना के उद्घाटन से लाभ होगा।
गौरतलब है कि गत 27 दिसंबर को भी कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम बंगाल के हालात के बारे में बताया था। उन्होंने मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में गंगा और पद्मा के किनारे “नदी के कटाव” के कारण खतरों की जानकारी दी थी। बंगाल और कोलकाता में होने वाली ‘नमामि गंगे’ समीक्षा बैठक के दौरान कटाव की दशकों पुरानी समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए पीएम से आग्रह किया गया। मुर्शिदाबाद जिले से पांच बार के लोक सभा सांसद इस मुद्दे को कई बार संसद में भी उठा चुके हैं। चौधरी का कहना है कि हजारों लोगों को नदी के कटाव से बार-बार त्रासदी के शिकार होते हैं, लेकिन इन लोगों को बचाने के लिए गंभीरता से कोई दीर्घकालिक नदी कटाव प्रतिरोध परियोजना अभी तक शुरू नहीं की गई है।
