
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म को सर्वोच्च शिखर तक ले जाने में संत महापुरुषों का अहम योगदान है।
यह बात उन्होंने संत समागम में कही।
कनखल के संदेश नगर में स्थित श्री राम किशन आश्रम में ब्रह्मलीन महंत राम किशन गिरी महाराज की पुण्यतिथि के मौके पर संत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर रविंद्रपुरी ने ब्रह्मलीन महंत को एक महान संत बताया। उन्होंने कहा कि संत ने सदैव निर्मल जल के समान जीवन व्यतीत कर धर्म के संरक्षण-संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत राम रतन गिरी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत त्याग एवं तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे।
इस मौके पर रामकिशन आश्रम के अध्यक्ष दिगंबर गंगागिरी, महंत प्रेमदास, दिगंबर आशुतोष पुरी, दिगंबर रघु वन, पूर्णानंद गिरी, दिगंबर राजगीरी, रविदेव शास्त्री, दिनेश दास, दिगंबर मधुर बन, दिगंबर रवि बन, विनोद गिरी, स्वामी आलोक गिरी समेत अन्य संत उपस्थित रहे।