गौ तस्करी मामले में CBI को मिले अहम सुराग, UP में अनुब्रत मंडल के बैंक खाते का चला पता

केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने गौ तस्करी मामले में गिरफ्तार बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी बैंक अकाउंट के संबंध में जानकारी मिली है.

सीबीआई के अधिकारियों ने गत पांच जनवरी, 2023 को बीरभूम डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Birbhum District Central Cooperative Bank Ltd) में छापा मारा और 177 फर्जी अकाउंट का मामला सामने आया था. जिसके जरिए अब तक 19 करोड़ से ज्यादा के ट्रांजेक्शन को ट्रेस किया जा चुका है. माना जा रहा है कि वहां फर्जी अकाउंट और पैसों के लेन-देन की संख्या बढ़ सकती है.

500 फर्जी अकाउंट की मिली जानकारी

बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को पूर्व बर्दवान जिले के केतुग्राम, मंगलकोट और आउसग्राम विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई थी. इन जगहों में भी सीबीआई ने पाया कि अनुब्रत मंडल ने फर्जी बैंक खाते खोले और बड़ी रकम का लेन-देन किया है. खबर है कि सीबीआई को अब तक ऐसे 500 फर्जी अकाउंट मिले हैं. इनमें सौ से ज्यादा फर्जी है. सीबीआई ने पाया कि बैंक खातों में लेनदेन पर एक ही व्यक्ति के हस्ताक्षर थे. बताया जा रहा है कि सीबीआई उन हस्ताक्षरों का मिलान करने के लिए हस्तलिपि विशेषज्ञों की मदद लेने जा रही है. सीबीआई अदालत में सभी दस्तावेज पेश करने से पहले इन कानूनी मुद्दों को अधिक महत्व दे रही है.

सीबीआई को मिली अहम जानकारी

सीबीआई को यह भी पता चला कि अनुब्रत मंडल ने गाय तस्करी नेटवर्क को उत्तर प्रदेश तक बढ़ाया था. लेनदेन उत्तर प्रदेश के बैंक और अनुब्रत मंडल के खाते में किए गए थे. सीबीआई ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि उन बैंक खातों को कैसे खोला और इस्तेमाल किया गया है. सीबीआई को पता चला है कि बीरभूम जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, सिउड़ी में बैंक के पूर्व और वर्तमान प्रबंधकों की सीधी मिलीभगत के बिना इन फर्जी खातों को खोलकर काले धन को सफेद किया गया था. सीबीआई ने पूछताछ के लिए मौजूदा मैनेजर अभिजीत समस्त को कोलकाता के निजाम पैलेस बुलाया है. बताया जा रहा है कि जिले में इस बैंक की 17 शाखाओं की स्थिति की जांच की जा रही है. इस बैंक के अंतर्गत जिले की 320 सहकारी समितियों से एक लाख से अधिक जमाकर्ता संबद्ध हैं. 2015 की तरह दिवालिया नहीं हो रहा है यह बैंक फिर से बंद होगा या नहीं, इसका डर हर तरफ फैला हुआ है.

कई फर्जी अकाउंट भी खुलेइस बीच, राज्य के सहकारिता मंत्री अरूप राय ने कहा कि बैंक रिजर्व बैंक के नियंत्रण में है. वे ही मामले को देखते हैं, वे लोग जो फैसला लेंगे. ऐसा देखने में आया है कि जिनके नाम से फर्जी अकाउंट खोले गए है उनमें से कई की मौत हो चुकी है और कई अनपढ़ हैं. वे हस्ताक्षर नहीं कर सकते. ऐसे में उनके नाम से ये फर्जी अकाउंट कैसे खोले गए? सीबीआई को पता चला है कि इस काम में जिले का एक सरकारी अधिकारी भी शामिल है.

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