सॉल्ट लेक लोक संस्कृति द्वारा आयोजित अष्ट दिवसीय राजस्थानी मेला ‘आपणों गाँव’ का निक्को पार्क के बिग लॉन में आज शुभारंभ होगा।
राजस्थान और हरियाणा की संस्कृति और परम्पराओं के बारे में,विशेषकर बच्चों एवं युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता लाने के मुख्य उद्देश्य से संस्था यह अनूठा कार्यक्रम पिछले लगभग दो दशकों से हर वर्ष करती आ रही है। संस्था के कोषाध्यक्ष राज कुमार मूंधड़ा ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से कोलकातावासियों को,और विशेषकर मारवाड़ी समाज को आपसी मेल जोल का एक स्वस्थ आधार मिल जाता है जो हमारी ज़िंदगी को एक ताजगी भरी ऊर्जा प्रदान करती है।
संस्था ने इस बार पुनः हर आयु वर्ग की अलग अलग रुचि को ध्यान में रखकर विविध कार्यक्रमों से मेले को सजाया है। राजस्थान एवं हरियाणा से आये ख्याति प्राप्त लोक कलाकार मेला परिसर में अपनी कला का हर शाम प्रदर्शन करेंगे।
मेला प्रांगण में चल रही तैयारियों एवं उनसे जुड़ी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किशोर शर्मा एवं प्रेम रतन झंवर पिछले कई दिनों से प्रयासरत हैं। उनकी मेहनत सचमुच रंग लाती दिख रही है। विशाल मेला प्रांगण, राजस्थान/हरियाणा के एक गाँव जैसा बनकर नगरवासियों के स्वागत के लिए लगभग तैयार है जिसे देख कर भी यकीन नहीं होता कि हम कोलकाता शहर में ही यह नज़ारा सचमुच देख रहे हैं।
संस्था के अध्यक्ष संदीप गर्ग ने बताया कि इस मेले में प्रत्येक वर्ष आने वालों लोगों का मानना है कि आपणों गाँव मेले के परिसर की सोंधी खुशबू वहॉं की ‘चोखी ढाणी’ में परोसे जाने वाले राजस्थानी व्यंजनों के बेजोड़ स्वाद में जब घुल जाती है तो उस अलौकिक अनुभव को शायद शब्दों में बयान करना मुमकिन नहीं। संस्था के सचिव कमलेश केजरीवाल ने जानकारी दी कि इस आयोजन की मुख्य विशेषता यह है कि चोखी ढाणी की तर्ज पर की गयीं व्यवस्था के अंतर्गत मारवाड़ी पाक कला में निपुण कारीगरों को ख़ास इस कार्यक्रम के लिए राजस्थान से बुलाया जाता है एवं उनके द्वारा स्वादिष्ट व्यंजनों को मनुहार कर परोसने वाले भी मरुभूमि से इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आते हैँ और शायद यही वजह है कि लोग पूरे साल सॉल्ट लेक लोक संस्कृति द्वारा आयोजित इस मेले का बेसब्री से इंतज़ार करते हैँ।
चोखी ढाणी के साथ ही बहुत बड़ी जगह में फ़ूड कोर्ट भी बनाया गया है जहां अतिथियों के लिए तरह तरह के लोकप्रिय एवं लज़ीज़ व्यंजनों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है।
सर्दियों के इस सुहाने मौसम में,अपने परिजनों के संग,खुले वातावरण में आग तापने जैसा सुख बड़े शहरों में शायद कम ही मिलता होगा। आठ दिन चलने वाले इस मेले में कोलकातावासी इस सुविधा का भरपूर लाभ उठा सकते हैं।
संस्था के संस्थापक मदन गोपाल राठी ने बताया कि इस मेले के आयोजन के बाबत राज्य सरकार, कोलकातावासियों एव विशेषकर मारवाड़ी समाज से मिल रहे भरपूर समर्थन से संस्था के कार्यकर्ताओं को काफी प्रोत्साहन मिला है एवं सभी पूरे उत्साह एवं लगन से मेले को सफल बनाने के लिए प्रयासशील हैं।



