मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘कमल’ से चिढ़, बांग्ला गानों में भी नहीं सुनना चाहतीं नाम

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टीएमसी सुप्रीमो व सीएम ममता बनर्जी को भाजपा से इस कदर नफरत है कि वह बंगाल तो दूर बांग्ला गाने में भी कमल खिलना नहीं देखना चाहतीं हैं। इसका ताजा उदाहरण बुधवार को कोलकाता में क्रिसमस समारोह के उद्घाटन के दौरान देखने को मिला।

समारोह में ममता नसीरुद्दीन शाह और शर्मिला टैगोर अभिनीत बांग्ला फिल्म प्रतिदान के एक गाने की पंक्तियां गा रही थीं।

गाने में था कमल का जिक्र

गाने की लाइन थी, ‘…अपनी ही माफी से तुम, उसे कमल की तरह खिलाओ (बांग्ला का हिंदी अनुवाद)।’ गाने में कमल शब्द आते ही ममता रुक गईं। उन्होंने गाया, …अपनी ही माफी से तुम, उसे अपना बना लो। गाने में बांग्ला शब्द पद्दो का जिक्र था, जिसका अर्थ कमल फूल होता है। इस दौरान ममता ने कहा कि उन्होंने गाने के शब्द को थोड़ा बदल दिया है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने क्यों ऐसा किया। हालांकि समारोह में उपस्थित लोगों को इसे समझने में देर नहीं लगी। लोग समझ गए कि ममता अपनी जुंबा पर कमल शब्द को क्यों नहीं लाना चाहतीं।

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तृणमूल सुप्रीमो ने बदले शब्द

उपस्थित कुछ लोगों ने दबे स्वर में कहा कि कमल भाजपा का निशान और वह भगवा की घोर विरोधी। फिर ममता की जुबान पर कमल कैसे मुमकिन है। वास्तव में लता मंगेशकर की आवाज में गौरीप्रसन्न मजूमदार के गीत और बप्पी लहरी की धुन वाले इस प्रार्थना गीत ने फिल्म की रिलीज के बाद काफी लोकप्रियता हासिल की थी। गीत विभिन्न स्थानों में क्रिसमस समारोह में प्रार्थना गीत के रूप में गाया जाता है। ममता की निजी पसंद-नापसंद पर नजर रखने वाले अच्छी तरह जानते हैं कि ममता को गाने के बोल व धुन की अच्छी जानकारी है।

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