संवादाता रतन केडिया – कोलकाता, 15 दिसंबर, 2022: नेफ्रोकेयर इंडिया ने 15 दिसंबर को अपने संपन्न असित्व के साथ एक साल सफलतापूर्वक पूरा

किया। नियमित रूप से 30 मिनट तेज चलने से किडनी स्वस्थ रहती है और इसे ध्यान में रखते हुए फोर की ओर से ए वॉक फॉर योर
‘किडनी’ का संदेश देते हुए वॉकथन का आयोजन किया। इसमें लगभग 200 प्रतिभागियों के साथ-साथ समाज के मशहूर हस्तियों द स्वस्थ अभ्यास के विचार को फैलाने के लिए अपने कदमों मिताए। यह कथन नेफ्रीकेयर से शुरू होकर होटल गोल्डन ट्यूलिप पर खम्म हुई। कार्यक्रम के बाद नेक्रोकेयर के संस्थापक और निदेशक डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता ने स्वस्थ समाज को गढ़ने के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों में डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता को केयर के संस्थापक और निदेशक) दिब्येंदु बरुआ (मातरंज पेंडमास्टर) आईएसएस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल की सीईओ डॉ. निवेदिता चटर्जी, रामकृष्ण सवात मालदीव के महावाणिज्य दूतावास) जापदीप दास

उपसचिव देवाशीष दत्ता (मोहन बागान क्लब के सचिव और अभिभाषक) मेकत बिस्वास (चेंबर ऑफ कॉमर्स बंगाल
चैप्टर के साथ समाज की कई अन्य प्रतिष्ठित स्तियां इस आयोजन में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का सफल प्रबंधन मैप इवेंट्स द्वारा किया गया।
नेफ्रोकेयर नेको केपर प्राइवेट लिमिटेड एक व्यापक और अनुकंपा किडनी देखभाल संस्थान है। यह संस्थान सबसे गहन किडनी की समस्या के रोगियों की देखभाल के लिए बस सम्मानित स्वास्थ्य दखेभाल संस्थानों में से एक है जिस दिसबर 2021 के महीने में प्रख्यात नोकोलॉजिस्ट डॉ प्रतिम सेनगुप्ता न स्थापित किया है।
किडनी की बीमारी यह एक गुप्त और गंभीर बीमारी है यह पूरे देश के साथ विश्वभर में सबसे अधिक फेल रहा हो हर 11 म से। भारतीय किडनी फेल्योर का शिकार हो सकता है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप किडनी की विफलता का प्रमुख कारण है। पेन किलर का सेवन भारत में गुर्दे की विफलता का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण है। हर साल 2 लाख से अधिक लोग एंड स्टेज रीनल डिजीज (ईएसआरडी) की सूची में शामिल हो जाते हैं, जिन्हें जीवन को बनाए रखने के लिए डायलिसिस सहायता की आवश्यकता होती है। नेोकेयर का लक्ष्य इन मरीजों की सफल देखभाल कर प्रतिदिन अपनी अलग पहचान स्थापित करना है।
मीडिया से बात करते हुए नेको केयर के संस्थापक और निदेशक नोकोलॉजिस्ट डॉ. प्रतिम गुप्ता ने कहा, हम अपने सस्थान में रोगियों का इलाज एक अनोखे तरीके से करते हैं, हमारा मिशन सस्ती कीमत पर बेहतरीन सुविधा के साथ इन मरीजो का देखभाल करना है। यहाँ सभी समस्या के हल और उपचार पोलॉजी और प्रयोगशाला रिपोर्टिंग पर आधारित होते हैं, जो बहुत तार्किक अनुमान के साथ जोड़े जाते हो क्योंकि प्रत्येक प्राणी के पास एक अमत्य शरीर है, जो एक मानसिक शरीर और आध्यात्मिक शरीर के साथ एक अनंत ऊजा शारीर के साथ हड़ा हुआ ही नही पर इंडिया में हम ज्ञानिक रूप से रोग के इन सभी पहलुओं का विश्लेषण करते हैं और रोगी को समग्र चिकित्सा देखभाल प्रदान करते हैं। जो भी नेफ्रो केयर इंडिया में आता है, उसके लिए यह हमारी नीति यह है कि सभी डॉक्टर और देखभाल करने वाले व्यक्ति मरीजों को एक परिवार का सदस्य मानते हैं. हम पूरे दिल से वह सब कुछ करते है जैसा देखभाल मरीज को अपने घर में मिलता है।